Home Daily News India ke bohat saare region me flood aur barish se log pareshan, Madhya Pradesh me 4 district me heavy rainfall ka red alert | देश के कई हिस्सों में बाढ़ और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. एमपी के 4 जिले में भारी बारिश का रेड अलर्ट.

India ke bohat saare region me flood aur barish se log pareshan, Madhya Pradesh me 4 district me heavy rainfall ka red alert | देश के कई हिस्सों में बाढ़ और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. एमपी के 4 जिले में भारी बारिश का रेड अलर्ट.

0

 Daily News

Heavy Rainfall in India: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ लोगों के लिए आफत बनकर खड़ी है. पहाड़ से लेकर मैदान तक हो रही तेज बारिश (Heavy Rainfall) के आगे इंसान बेबस नजर आ रहा है. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में बाढ़, बारिश और भूस्खलन से भीषण तबाही हुई है और कई लोगों की जान चली गई है. भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन (Landslide), बाढ़ (Flood) और बादल फटने की घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई. उत्तराखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में हाल बेहाल है और आज फिर बारिश की आशंका जताई गई है.

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज फिर बदला है. कई इलाकों में तेज बारिश हुई है, जिसके बाद तमाम नदियां उफान पर है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 4 जिले में भारी बारिश का रेड अलर्ट और 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 

एमपी में मुसीबत की बारिश

मध्य प्रदेश में के कई हिस्सों में काले घने बादल एक बार फिर जमकर गरज- बरस रहे हैं. तेज बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. आलम ये है कि करीब दस फ़ीट की ऊंचाई वाले मंदिर भी अब पानी में समा रहे हैं. नर्मदा तट पर बने घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. प्रशासन ने एहतियातन घाटों पर होमगार्ड के जवानों को तैनात कर दिया है. दुकानों में भी पानी घुसने लगा है. जिला प्रशासन लगातार लोगों से दुकानें खाली कर सुरक्षित ऊंचे स्थान पर जाने की अपील 

एमपी में कई डैम के गेट खोले गए

रायसेन जिले में बेतवा नदी में अचानक आई बाढ़ से सात लोगों की जान पर बन आई. ये सभी लोग पिकनिक मनाने नदी के बीच टापू पर गए थे. इन सभी को SDRF और स्थानीय पुलिस की टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद बचाया. पूरे प्रदेश में नदियों की यही हाल हैं. जबलपुर में तो अमरकंटक नेशनल हाइवे पर बना पुल पानी में समा गया है, जिससे छत्तीसगढ़ पहुंचने का रास्ता ही बंद हो गया है. नदियों में उफान से तमाम बांध भी लबालब हो गए है. डैम में जलस्तर को कम करने के लिए मनका डैम के 5 गेट और तवा डैम के 5 गेट खोले गए हैं. भोपाल के तीनो डैम कलियासोत, भदभदा और केरवा के गेट को खोला गया है.

एमपी में कई नदियां उफान पर

वहीं सतना जिले में भी भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया. मंदाकनी नदी नदी का जलस्तर बढ़ा तो कई इलाकों का शहर से सम्पर्क ही टूट गया. जिले के कई गांवों का संपर्क टूट चुका है. लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. पानी सड़क से काफी ऊपर बह रहा है. उनके पास और कोई साधन नहीं है. सती अनुसुइया, राम घाट पर नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है. सागर में भी बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वहां बीना नदी उफान पर है, जिसकी वजह से पानी पुल के ऊपर से बह रहा है. लगातार हो रही बारिश के चलते मंडला जिले के नदी-नाले पूरी तरह से उफान पर है.

हिमाचल प्रदेश में 22 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड में बाढ़-बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 50 लोगों को जान गंवानी पड़ी है. इन मृतकों में 22 लोग अकेले हिमाचल प्रदेश के हैं. हिमाचल आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता के मुताबिक भारी बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं में मंडी, कांगड़ा और चंबा जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. कई रास्ते बाधित हैं. मंडी जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 13 लोगों की मौत हो गई और कई लोग अभी तक लापता हैं. गोहर विकास खंड के काशान गांव में NDRF और पुलिस द्वारा चार घंटे तक चलाये गये तलाशी अभियान के बाद एक परिवार के 8 सदस्यों के शव उनके घर के मलबे से निकाले गए. ये मकान भूस्खलन में गिर गया था.

उत्तराखंड में भारी बारिश से आफत

उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से लोगों की मुसीबतें बढ़ गईं हैं. राज्य में कई नदियां उफान पर हैं. शुक्रवार रात को भारी बारिश ने देहरादून और टिहरी जिले में कहर बरपाया. घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी मलबे में दबे 13 लोगों का अभी कोई पता नहीं लग पाया है. NDRF और SDRF की टीम खोज और बचाव कार्य में जुटी है. देहरादून में सौड़ा सरोली से रविवार को 45 वर्ष के शख्स का शव बरामद हुआ. गढ़वाल मंडल में NDRF और SDRF की कई टीमें लगी हैं. गढ़वाल मंडल में कम से कम 8 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए. कई जानवरों की मौत हुई है. भारी बारिश के बाद किसानों को भारी नुकसान हुआ है. पौड़ी जिले के लगभग 13 गांवों में अधिक बारिश के कारण प्रशासन ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों को बंद कर दिया है.

जम्मू-कश्मीर में बारिश से मुसीबत

जम्मू कश्मीर में के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है. इसका जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है. भारी बारिश की वजह से वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई थी. शनिवार दिनभर यात्रा जारी रहने के बाद शाम को एक बार फिर से यात्रा को स्थगित कर दिया गया था. राजोरी और पुंछ जिलों में तेज बारिश से नदी नाले उफान पर रहे. पुंछ में बेतार नदी में आई बाढ़ से स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई. पुंछ कसबे में कई घरों में पानी घुस गया था.  मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार प्रदेश में 23 और 24 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं. 

यूपी के कई जिलों में येलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी मानसून (Monsoon) सक्रिय है. प्रदेश के कई जिलों में रविवार को झमाझम बारिश (Rainfall) हुई. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक पूरे प्रदेश का तापमान सोमवार को 26 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है. प्रदेश के 32 जिलों में सोमवार के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, पीलीभीत, बरेली, हाथरस, आगरा, मैनपुरी, संत कबीर नगर, बहराइच, लखनऊ, औरैया, कानपुर, फतेहपुर, झांसी, बलिया, प्रयागराज, वाराणसी, मऊ और गोरखपुर में बारिश का मौसम सक्रिय है. इन इलाकों में सोमवार को तेज हवाएं चलेंगी. गरज और चमक के साथ यहां बारिश होने की संभावना है. कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि कम बारिश की वजह से किसानों की फसलों पर असर पड़ा है.

और पढ़े https://www.starnewshindi.com/2022/08/himachal-landslide-himachal-pradesh-me.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here