Home Business news ‘रुपया कमजोर नहीं हो रहा है, डॉलर मजबूत हो रहा है’- अमेरिका में वित्त मंत्री सीतारमण ने दिया तर्क

‘रुपया कमजोर नहीं हो रहा है, डॉलर मजबूत हो रहा है’- अमेरिका में वित्त मंत्री सीतारमण ने दिया तर्क

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अमेरिका में अपने आधिकारिक दौरे पर रविवार को निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि रुपया कमजोर नहीं हो रहा है बल्कि दूसरी मार्केट करेंसी को देखें तो डॉलर की तुलना में अच्छा कर रहा है.

Nirmala Sitharaman On Rupee Vs Dollar: भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों अमेरिका (America) के दौरे पर हैं. उन्होंने वाशिंगटन डीसी में रविवार (16 अक्टूबर) को पत्रकारों से बातचीत की. भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि रुपया कमजोर नहीं हो रहा, हमें इसे ऐसे देखना चाहिए कि डॉलर मजबूत हो रहा है, लेकिन दूसरी मार्केट करेंसी देखें तो रुपया डॉलर की तुलना में काफी अच्छा कर रहा है.

‘हम एक आरामदायक स्थिति में हैं’

निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैक्रोइकॉनॉमिक्स के फंडामेंटल अच्छे हैं और विदेशी मुद्रा भंडार अच्छा है. हम एक आरामदायक स्थिति में हैं और इसलिए मैं बार-बार मुद्रास्फीति को एक प्रबंधनीय स्तर पर दोहराती रहती हूं. हम इसे और नीचे लाने के प्रयास कर रहे हैं.

“उन्नत देशों को अपने राजनीतिक और आर्थिक निर्णयों के वैश्विक फैलाव की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.” उनके इस बयान पर पत्रकार ने उनसे सवाल पूछा, जिस पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैंने बैठकों के अंदर यह कहा था और कई अन्य थे, संयोग से सभी दक्षिण देशों से.

‘G20 में भारत की डिजिटल उपलब्धियों पर होगी चर्चा’

इसी के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने G-20 पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, “कई सदस्यों ने सुझाव दिया है कि G-20 के दौरान हमें यह दिखाना चाहिए कि हमने अपनी डिजिटल उपलब्धियों में क्या किया है, जैसे आधार या अन्य डिजिटल एप्लिकेशन देश में कैसे फैल गए हैं.”

‘क्रिप्टोकरेंसी पर होगी चर्चा’

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के बारे में बात करते हुए उन्होंने G20 सदस्यों के लिए तकनीकी रूप से संचालित नियामक ढांचे पर प्रकाश डाला. निर्मला सीतारमण ने कहा, “हम क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित मामलों को G-20 की मेज पर लाना चाहते हैं, ताकि सदस्य इस पर चर्चा कर सकें और एक ढांचे या एसओपी पर पहुंच सकें, ताकि वैश्विक स्तर पर देशों में तकनीकी रूप से संचालित नियामक ढांचा बन सके.”

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