Omicron News
कोलकाताः ओमिक्रॉन के मामले देश में काफी बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर काफी सतर्क है। विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश इस सिलसिले में जारी किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भी राज्यों को लिखे पत्र में कहा है कि टेस्टिंग और निगरानी बढ़ाने के अलावा रात में कर्फ्यू लगाने, बड़ी सभाओं पर रोक लगाने, शादियों और अंतिम संस्कारों में लोगों की संख्या को सीमित करने जैसे कदम उठाए जाएं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी अंतर्राष्ट्रीय यात्री जिनका भारत आगमन पर हवाई अड्डे पर आरटी-पीसीआर द्वारा कोविड-19 के लिए पॉजिटिव मिलता है, ऐसे व्यक्ति को संबंधित गंतव्य पर जाने की अनुमति नहीं है। इन यात्रियों को किसी भी स्वास्थ्य सुविधा में अलग-अलग आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए।
प्रोटोकॉल का कड़ाई से हो पालन ः
●●बाहर से आने वाले यात्रियों के पॉजिटिव मिलने के मामले के उपचार में एक मानक प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए-मामले में जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट मिलने तक आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए
●●यदि ओमिक्रॉन संस्करण के लिए रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो इलाज करने वाले चिकित्सक के दिशा-निर्देशों के अनुसार छुट्टी दी जा सकती है
आइसोलेशन पर निम्नलिखित दिशा-निर्देश:
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सैंपल आगमन पर एकत्र हों और अगर पॉजिटिव मिले तो जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन(एसटीएम) में भेजा जाए
●●विशेष रूप से ऐसे मामलों के लिए एक अलग आइसोलेशन (कमरा/वार्ड) हो और अन्य पॉजिटिव मामलों के साथ कोई मिश्रण नहीं हो
●●इसमें अलग शौचालय और स्नानघर हो
●●देखभाल प्रदाताओं को पीपीई के साथ इस अलग आइसोलेशन में प्रवेश करना चाहिए
●●कड़े संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन हो, ताकि क्रॉस-संक्रमण को रोका जा सके
●●यदि किसी मामले को अलग आइसोलेशन में भर्ती किया जाता है, तो उसे किसी भी नैदानिक प्रक्रिया के लिए आइसोलेशन से बाहर ले जाने की आवश्यकता होती है, बाहर रहना जितना संभव हो उतना कम से कम होना चाहिए
●●परिवहन के दौरान अन्य लोगों के साथ किसी भी तरह की मिलावट सुनिश्चित न हो ।